न्यूक्लियर हमले से बचने के लिए भोपाल में बन रहा देश का पहला ट्रेनिंग सेंटर

भोपाल. सीमा पार से जैविक, रासायनिक और परमाणु हमले से बचने के लिए भारत सरकार इसके बचाव की ट्रेनिंग देगीं। पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर इस सेंटर के लिए मध्यप्रदेश को चुना गया है। मप्र की राजधानी भोपाल में जल्द ही जैविक, रेडियो विकिरण, परमाणु और विस्फोटक हमलों सहित आपदाओं से बचाव की ट्रेनिंग दी जाएगी इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर चिकित्सा प्रबंधन का एक पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स जुलाई 2019 में शुरू हो रहा है। यह कोर्स भोपाल के एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) शुरू होने जा रहा है।
पीएम मोदी की पहल पर पीजी कोर्स जुलाई से शुरू
भोपाल एम्स के निदेशक प्रोफेसर सरमन सिंह के अनुसार सीमा पार से होने वाले सीबीआरएनई हमलों और आपदाओं से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर चिकित्सा प्रबंधन का एक पीजी कोर्स जुलाई से शुरू हो रहा है। यह कोर्स 6 माह का होग इस कोर्स में 12 डाक्टरों को प्रवेश मिल सकेगा। प्रोफेसर सरमन सिंह का दावा है कि यह कोर्स शुरू करने वाला एम्स भोपाल पहला संस्थान होगा। यही कोर्स जोधपुर और दिल्ली के एम्स में भी शुरू किया जाएगा।
इनके सहयोग से शुरू होगा कोर्स
एम्स डायरेक्टर के मुताबिक यह कोर्स इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंस और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के सहयोग से चलाया जाएगा। इस कोर्स के जरिए ट्रेनिंग लेने वाले डॉक्टर्स देशभर में सीबीआरएनई हमलों या आपदाओं के समय समाज की मदद कर पाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *