स्पेन में कोरोना का कहर, 24 घंटे में 324 की मौत, 5 हजार नए केस

नई दिल्लीइटली का हर कोना जितना खूबसूरत है, कोरोना ने उसे अब उतना ही बेरंग बना दिया है. जिस देश की खुशहाली दुनिया भर में मशहूर थी उसी इटली को लेकर आज दुनियाभर के देश चिंता में हैं. इटली में शुक्रवार को 627 लोगों की मौत कोरोना के संक्रमण से हो गई. चीन में भी कोरोना ने इतनी बड़ी तबाही नहीं मचाई थी. इटली में कोरोना की वजह से 2,655 लोगों की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है. यानी दुनिया में इस वक्त कोरोना वायरस से मौत के मामले में इटली नंबर एक पर है. स्पेन में भी कोरोना वायरस ने तबाही मचा दी है. शनिवार को स्पेन में कोरोना वायरस के 5 हजार नए केस सामने आए. स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1326 मरीजों में 324 की मौत हो गई है.

जर्मनी में कोरोना का कहर
जर्मनी में कोरोना का कहर जारी है. शनिवार को जर्मनी में कोरोना के 2705 नए मामले सामने आए हैं. जर्मनी में कुल 16,662 लोग कोरोना से प्रभावित हैं. जर्मनी में अब तक 47 लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है. बेल्जियम में पिछले 24 घंटे में 558 नए मरीज सामने आए हैं. बेल्जियम में कोरोना से प्रभावित मरीजों की संख्या 2815 हो गई है. बेल्जियम में कोरोन के चलते

इटली में 2,655 लोगों की हालत गंभीर
इटली में कोरोना की वजह से 2,655 लोगों की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है, गुरुवार को ही मौत के आंकड़ों में इटली ने चीन को पीछे कर दिया है. यानी दुनिया में इस वक्त कोरोना वायरस से मौत के मामले में इटली नंबर एक पर है. इटली में मरने वालों में बुजुर्ग लोग शामिल हैं. इटली में हुई मौत की औसत उम्र 80 साल के आसपास है, हालांकि सबसे ज्यादा संक्रमित होने वाले लोगों की औसत उम्र 63 साल है. इटली को लेकर आपके मन में कई सवाल होंगे. इटली कैसे बन गया चीन का वुहान? इटली में कोरोना पर काबू क्यों नहीं रखा जा सका? इटली में इतने लोगों की मौत क्यों हो रही है? आज आपको इन सभी सवालों को जवाब मिलेगा.

इटली के कब्रिस्तानों में जगह नहीं बची
इटली के कब्रिस्तानों में जगह नहीं बची है. शहर में जब लोगों को दफनाने की जगह कम पड़ गई तो सरकार ने सेना से मदद ली है और कोरोना  वायरस के संक्रमण से मरने वाले मरीजों को दफनाने का काम सेना के हवाले किया गया है. इटली के बर्गमो प्रांत में तो हालात इतने भयावह हैं कि कोरोनावायरस से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करने में भी संघर्षों का सामना करना पड़ रहा है. यहां केवल दो सप्ताह में ही एक पूरी पीढ़ी अपनी जान से हाथ धो बैठी है. चर्चों में ताबूतों की लाइनें लगी हैं, जिनमें संक्रमण से मरने वालों की लाशों को दफनाया जाना है। इस वजह से लोगों को लाश अपने घरों में ही कई दिनों तक रखनी पड़ रही है. अब सेना की मदद ली जा रही है.

इटली की ये चहल पहल अब खत्म हो चुकी है. इटली की सरहद में दाखिल होने की हिम्मत अब किसी में नहीं है. 12 मार्च से इटली के लोग खुद बाहर नहीं आ पा रहे हैं. इटली में लॉकडाउन है और ये कब तक है सरकार को भी इसका अंदाजा अब नहीं रहा है. कोरोना वायरस किसी देश को किस तरह से लाचार बना देता है इटली की हालत को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है. कोरोना से लड़ाई के लिए पूरे इटली को ही बंद किया जा चुका है. लोग अपने अपने घरों में कैद हैं.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *