कैलाश विजयवर्गीय ने कबूला, पैसा खर्च करने के साथ ही इस सीट पर की थी ‘सेटिंग’

इंदौर। कमलनाथ सरकार को गिराने के खुलासा करने वाले सीएम शिवराज सिंह के आडियो के बाद अब भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी एक खुलासा करके सनसनी फैला दी। कैलाश विजयवर्गीय के बयान से पार्टी में एक बार फिर हलचल हो गई है। विजयवर्गीय ने एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में खुलासा करते हुए कहा था कि भाजपा नेता ऊषा ठाकुर को जिताने के लिए पैसा खर्च और सेटिंग करना पड़ी तब जाकर चुनाव जीत सकी थीं। इस मामले में कांग्रेस को एक बार फिर मौका मिल गया और उसने महू विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग कर डाली। विजयवर्गीय का यह बयान आने वाले उपचुनाव में पार्टी को भारी न पड़ जाए।

 

महू से विधायक ऊषा ठाकुर भाजपा की तेजरर्रार नेता मानी जाती हैं। वे संगठन में उपाध्यक्ष भी हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव में ऊषा ठाकुर इंदौर की तीन नंबर सीट से चुनाव जीती थीं। वे 2018 में भी तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन विजयवर्गीय ने तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र से अपने बेटे आकाश के टिकट के लिए अड़ गए थे। ऐसे में पार्टी ने अपना निर्णय बदला और ऊषा ठाकुर को महू से टिकट दिया। इससे पहले महू से कैलाश विजयवर्गीय दो बार चुनाव जीत चुके थे, इसलिए उन्हें ऊषा ठाकुर को जिताने की जिम्मेदारी भी दे दी गई थी। हाल ही में एक मीडिया हाउस को दिए साक्षात्कार में कैलाश ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने महू में चुनाव जीतने के लिए काफी रकम खर्च की थी और सेटिंग करके चुनाव जीता था।

 

बवाल मचना ही था
कैलाश विजयवर्गीय की इस स्वीकारोक्ति के बाद मध्यप्रदेश में बवाल तो मचना ही था। कांग्रेस को भी मौका मिल गया और उसने चुनाव आयोग से शिकाय करते हुए महू से विधायक उषा ठाकुर का निर्वाचन रद्द करने की मांग की। इसे लेकर एक शिकायती पत्र सौंपा गया है जिसमें कहा गया है कि इस मुद्दे पर आयकर विभाग से भी संज्ञान लेने की बात कही गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीरा राणा को विजयवर्गीय के दो दिन पूर्व दिए इंटरव्यू के संबंध में एक शिकायत सौंपी है। इंटरव्यू में विजयवर्गीय ने स्वीकार किया है कि धार जिले की महू विधानसभा की वर्ष 2018 की भाजपा प्रत्याशी उषा ठाकुर के चुनाव के दौरान उन्होंने ‘अच्छा खर्च’ किया है, वे रात को 2-2 बजे महू क्षेत्र में जाते थे और ‘सेटिंग’ करके आते थे। उन्हें पार्टी ने महू विधानसभा चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंपी थी और कहा था कि हर हाल में हमें महू जीतना है।

 

 

सलूजा ने विजयवर्गीय के इस कृत्य को आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से महू विधानसभा का निर्वाचन रद्द करने की मांग की है। साथ ही विजयवर्गीय को आगामी चुनावो में प्रचार के लिए प्रतिबंधित करने और वर्ष 2018 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाली प्रत्याशी उषा ठाकुर के चुनाव खर्च में ‘अच्छे खर्च’ की राशि को जोड़ने की मांग भी की है। इसकी जानकारी उषा ठाकुर ने नहीं दी थी। सलूजा ने कहा कि विजयवर्गीय रात को 2-2 बजे महू क्षेत्र में जाते थे और सेटिंग करके आते थे, जब चुनाव प्रचार रात्रि 10 बजे समाप्त हो जाता है, मतदाता सो जाते हैं, तो विजयवर्गीय ने रात्रि 2 बजे वहां जाकर कौन-सी सेटिंग की है, यह सार्वजनिक होना चाहिए।

 

तो पैसा बांटकर बने थे महापौर
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी का कहना है कि विजयवर्गीय ने स्वीकर किया है कि वो पैसे से लोकतंत्र को खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय ने 6 बार विधानसभा और एक बार महापौर का चुनाव पैसा बांटकर और वोटरों को प्रलोभन देकर ही जीते हैं। इसके अलावा अपने बेटे आकाश को भी इसी तरह चुनाव जितवाया है।

 

गड़बड़ कर दे ऐसे बयान
मध्यप्रदेश में थोड़े दिन बाद ही उपचुनाव होना है, ऐसे में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का बड़बोलापन कहीं पार्टी को भारी न पड़ जाए। क्योंकि वे खुद स्वीकार कर रहे हैं कि कैसे चुनाव जीत रहे हैं। विपक्षी दल कांग्रेस के हमला बोलने पर भाजपा को बैकफुट पर जाना पड़ सकता है। क्योंकि 24 सीटों का उपचुनाव ही तय करेगा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार रहेगी या जाएगी।

 

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