मध्यप्रदेश- मंत्री तो बन गए लेकिन 15 अगस्त को सलामी लेने की तमन्ना रहेगी अधूरी

भोपाल : शिवराज सरकार के मंत्रियों की स्वतंत्रता दिवस पर जिलों में जाकर सलामी लेने की हसरत इस बार पूरी होती दिख नहीं रही है। एक तो कोरोना के चलते सरकार ने सभी को राजधानी में रहने को कहा है। दूसरा शिवराज सरकार के ज्यादातर मंत्रियों को अभी तक जिलों का प्रभार भी आवंटित नहीं हुआ है। परंपरागत रूप से प्रभारी मंत्री ही जिलों में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर मुख्य अतिथि होते रहे हैं। उत्सव स्थल या पुलिस लाइन में उन्हें सलामी भी दी जाती है।

ऐसी स्थिति में अबकी बार उनकी हसरत पूरी होते नहीं दिख रही है। शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हो रही थी तो एक दावेदार की यही पीड़ा थी कि इतनी देर न हो जाए कि स्वतंत्रता दिवस पर सलामी लेने का मौका ही न मिले। दरअसल, 15 अगस्त के पर्व पर जिलों में प्रभारी मंत्रियों को बतौर मुख्य अतिथि झंडा फहराने के साथ ही जिले भर के अफसरों के समक्ष भरपूर मान-सम्मान का अवसर मिलता है। इसीलिए उन्हें पुलिस की ओर से मिलने वाली सलामी का इंतजार रहता है।

इस बार शिवराज सरकार ने कैबिनेट की बैठक में तय कर दिया कि स्वतंत्रता दिवस पर राज्य में कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं होगा। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस का समारोह मुख्यमंत्री भोपाल में एक जगह पर मंत्रिपरिषद के साथ संपन्न करेंगे। इस बीच मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के दौरे पर भी रोक लगा दी है। अबकी कोई सार्वजनिक उत्सव भी नहीं होने हैं।

समारोह सीमित व्यक्तियों की मौजूदगी में ही संपन्न होंगे। यहां तक कि परंपरागत रूप से राज्य भर के स्कूलों में आयोजित किए जाने वाले समारोह भी स्थगित कर दिए गए हैं। शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए सिर्फ झंडारोहण का कार्यक्रम आयोजित होना है।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय का कहना है कि देश प्रेम की भावना तो सभी के दिल में है। इस बार महामारी से लड़ने के लिए नियंत्रण जरूरी है। सीमित लोगों की उपस्थिति में ही हमें अपनी गौरवमयी परंपरा कायम रखनी है।

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