लोकायुक्त का छापा-ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर की रिश्वत सैम्पल असिटेंट अयूब खान को रंगे लेते हुए गिरफ्तार

ग्वालियर. लोकायुक्त की टीम ने गुरूवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट स्थित औषधीय विभाग में पदस्थ लिपिक को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लधेड़ी निवासी महेंद्र बाथम ने बताया कि उसे ओसविस्ट फार्मायूस्टीकल कंपनी की दवा मार्केटिंग की हॉलसेल के लिये लाइसेंस बनवाना था। 3150 रुपये की रसीद कटवाने के बाद जब कलेक्ट्रेट स्थित औषधीय विभाग पहुंचा तो वहां ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर से मुलाकात हुई। ड्रग इंस्पेक्टर ने लाइसेंस के लिए 30 हजार रुपए की डिमांड रखी। यह मामला महेन्द्र बाथम और अजय ठाकुर के बीच जब वह दुकान का निरीक्षण करने के लिये आये थे तथी अजय ठाकुर ने केलकुलेटर पर टाइप कर रकम बता दी थी। लेकिन आज जब महेन्द्र बाथम ड्रग कार्यालय में तय रकम देने के लिये पहुंचे थे तो वहां पर उन्हें ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर नहीं मिले, महेन्द्र बाथम ने अजय ठाकुर से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि सैम्पल असिस्टेंट (सहायक ग्रेड-3) को रकम दे दो इतनी बात होने पर महेन्द्र बाथम ने रकम अयूब खान को सौंप दी। इस में लोकायुक्त की टीम की ओर डीएसपी प्रद्युुम्न पाराशर के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर को मुख्य आरोपी और अयूब खान को सहआरोपी बनाया गया है।
25 हजार में लाइसेंस देने को राजी हो गए
पैसे के लेनदेन को लेकर कई दिनो से बातचीत का दौर चल रहा था। 27 अक्टूबर को जब मैने फोन किया और दफ्तर आने की बात कही तो ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर बोले कि तुम दफ्तर मत आओ, मैं तुम्हारी दुकान पर आ जाऊंगा। दुकान पर हुई बातचीत के बाद वे 25 हजार में लाइसेंस देने को राजी हो गए। मैने इसकी पूरी रिकॉर्डिंग सहित लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करा दी इसके बाद गुरूवार को लोकायुक्त की टीम ने महेंद्र को 25 हजार रुपये लेकर कलेक्ट्रेट स्थित औषधीय विभाग में भेजा।
लोकायुक्त की टीम ने लिपिक को रंगे हाथों पकडा
दफ्तर में ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर मौजूद नहीं थे, फोन पर चर्चा के आधार पर लिपिक अयूब खान को 25 हजार रुपये थमा दिए इसके साथ ही लोकायुक्त की टीम ने लिपिक को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम को अजय ठाकुर मौके पर मौजूद नहीं मिले है लेकिन ऑडियो रिकॉर्डिंग टीम के पास मौजूद है। लोकायुक्त टीम की ओर से डीएसपी प्रद्युम्न पाराशर, इंस्पेक्टर कवीन्द्र चौहान, बृजमोहन सिंह नरवरिया, आराधना डेविस, एसआई सुरेश कुशवाही आदि टीम कार्यवाही को अंजाम देने में जुटी हुई थी।

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